Tuesday, June 22, 2010

vigyan vaigyanikon ke aawishkar

मैं सोच रहा था आखिर विश्व के वैज्ञानिक इस पर शोध क्यूँ नहीं कर रहे की विश्व की पानी की समस्या का कोई हल निकले ग्लोबल वार्मिंग के चलते जलस्तर सभी जगह कामों बेश गिरता ही जा रहा है और अगर तो बरसात होती है तो कहीं बाढ़ तो कहीं सूखे की स्तिथि बन जाती है अगर संसार के सारे बैज्ञानिक ऐसा निश्चय करे की अब हम अगला शोध विश्व के जल समस्या के समाधान के लिए करेंगे तो मुमकिन है इसका कोई हल निकाल पायें और दुनिया के लोग यूँ बाढ़ और सूखे के चलते विस्थापित और घर से बेघर हो जाने को मजबूर होते मुझे विश्वास है की कोई वैज्ञानिक इस ब्लॉग को पढेंगे तो घम्भिरता से इस पर सोचेंगे की उनकी खोज इससे ज्यादा फ़ायदा दुनिया भर के लोगों का कोई और हो ही नहीं सकता यह एक ज्वलंत समस्या है पुरे विश्व में खासकर अपने देश भारत में तो पिने के पानी का संकट गहराता जा रहा है और ऐसा अख़बारों में आने लगा है की अगला विश्व युद्ध पानी के लिए ही होगा अब लोगों को उस कल उस साल और उस समय का इंतजार करना है तो क्यूँ ना हमारे वैज्ञानिक इस विषय कोगाम्भिरता से लें एक अहम् सवाल और समस्या है यह ।
अशोक कुमार दूबे द्वारका न्यू दिल्ली .

No comments: