मैं सोच रहा था आखिर विश्व के वैज्ञानिक इस पर शोध क्यूँ नहीं कर रहे की विश्व की पानी की समस्या का कोई हल निकले ग्लोबल वार्मिंग के चलते जलस्तर सभी जगह कामों बेश गिरता ही जा रहा है और अगर तो बरसात होती है तो कहीं बाढ़ तो कहीं सूखे की स्तिथि बन जाती है अगर संसार के सारे बैज्ञानिक ऐसा निश्चय करे की अब हम अगला शोध विश्व के जल समस्या के समाधान के लिए करेंगे तो मुमकिन है इसका कोई हल निकाल पायें और दुनिया के लोग यूँ बाढ़ और सूखे के चलते विस्थापित और घर से बेघर हो जाने को मजबूर होते मुझे विश्वास है की कोई वैज्ञानिक इस ब्लॉग को पढेंगे तो घम्भिरता से इस पर सोचेंगे की उनकी खोज इससे ज्यादा फ़ायदा दुनिया भर के लोगों का कोई और हो ही नहीं सकता यह एक ज्वलंत समस्या है पुरे विश्व में खासकर अपने देश भारत में तो पिने के पानी का संकट गहराता जा रहा है और ऐसा अख़बारों में आने लगा है की अगला विश्व युद्ध पानी के लिए ही होगा अब लोगों को उस कल उस साल और उस समय का इंतजार करना है तो क्यूँ ना हमारे वैज्ञानिक इस विषय कोगाम्भिरता से लें एक अहम् सवाल और समस्या है यह ।
अशोक कुमार दूबे द्वारका न्यू दिल्ली .
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